डायरेक्ट सेल्लिंग क्यों करे : दोस्तों नमस्कार स्वागत है, आप सभी का आज की इस पोस्ट में । आज इस पोस्ट में मै आपको डायरेक्ट सेल्लिंग के बारे में बताने जा रहा हु। मै इस पोस्ट में आपको बताऊंगा की हमे डायरेक्ट सेल्लिंग ही क्यों करनी चाहिए। लेकिन इस से पहले हमसे कुछ डिसकस करना चाहेंगे।
दोस्तों आप सभी जानते है की हम सभी के कुछ न कुछ ड्रीम्स होते है। जैसे:
- बच्चो की अच्छी शिक्षा
- अच्छी कार
- अच्छा मकान
- बच्चो का शानदार विवाह
- विदेशी यात्राएं
- वृद्ध अवस्था में सिक्योरिटी
- अच्छी लाइफस्टाइल
- वित्तीय स्वतंत्रता
- परिवार को ज्यादा समय
- एक उपाधि
- वित्तीय सुरक्षा
इसके आलावा बहुत सारे, एक व्यक्ति के सपने होते है , जिसको वो एक मिडिल क्लास व्यक्ति के लिए ट्रेडिशन बिज़नेस से पूरा नहीं कर सकता। और ये सपने हमारी इनकम को देखकर छोटे हो जाते है। इनकम के कारण सपनो को ही भूल जाना ही कोई सलूशन नहीं है।
इसलिए मोदीकेयर एक ऐसी सौगात है, जिसके दवारा आप अपने सपनो को पूरा कर सकते हो।
आज के दिन आने वाली समस्याएं :
- किराए पर जो रह रहा है , उसके लिए समस्याए बढ़ रही है क्योकि किराया दिन पर दिन बढ़ रहा है।
- बिजली का बिल का बढ़ना
- मोबाइल का बिल भरना
- डेली प्रयोग में आने वाले उत्पादों के रेट में बढ़ोतरी
- लोन की EMI भरना
- इन्शुरन्स का खर्चा
समस्याओ का उपाय :
उपाय नो. 1 : कुछ लोग अपने सपनो को साकार करने के लिए कठिन मेहनत करते है ताकि एक अच्छी नौकरी मिल सके और जो उसने सपने देखे वो पुरे हो जाये।
उपाय नो. 2 : कुछ लोग ट्रेडिशनल बिज़नेस करना सुरु कर देते है , जिसकी मदद से वो अपने सपनो को साकार करने के लिए सोचते है। लेकिन इसको सफलतापूर्वक चलाने के लिए निम्न चीजों की जरुरत होती है। जैसे:
- पूंजी
- समय
- बिज़नेस की जानकारी
- रिस्क पूरा होता है।
- दुकान या ऑफिस चाहिए होता है।
उपाय नो. 3 : तीसरा जो उपाय जो आज सबसे ज्यादा उपयोग में आ रहा है वो डायरेक्ट सेल्लिंग बिज़नेस है। इसे लोगो निम्न कारणों के कारण पसंद करने लगे है।
- कम पूंजी
- कोई रिस्क नहीं
- पार्ट टाइम रूप में सुरु करे
- तुरंत इनकम आती है
- कोई भी कर सकता है
- अपने घर से सुरु कर सकते है।
डायरेक्ट सेल्लिंग मतलब : डायरेक्ट सेल्लिंग एक ऐसी प्रणाली है , जिसके द्वारा कोई प्रोडक्ट कंपनी से सीधा कस्टमर तक आसानी से पहुंच जाता है।डायरेक्ट सेल्लिंग को अच्छे से समझने के लिए हमे ट्रेडिशनल मार्किट को सबसे पहले समझना पड़ेगा। हम सभी जानते है की किसी भी ट्रेडिशनल बिज़नेस में, प्रोडक्ट को कोई न कोई कंपनी ही बनाती है , फिर वह प्रोडक्ट एजेंट्स के माध्यम से व्होलसेलर के हाथो में , और फिर व्होलसेलर से रिटेलर के पास पहुँचता है , रिटेलर ही उसे अंतिम कंस्यूमर तक उसका पहुंचाता है।
इस सम्पूर्ण प्रक्रिया में लगभग 60 % पैसा विज्ञापन और बिचोलिये खा जाते है , जिसके कारण प्रोडक्ट की किम्मत महँगी हो जाती है। आप खर्चा तो हमेसा करते आये हो लेकिन आपको इस खर्चे से आज तक कुछ मिला नहीं।
लेकिन डायरेक्ट सेल्लिंग के अंदर कम्पनी से सीधे आपके पास प्रोडक्ट्स पहुंचते है , जिसके कारण कंपनी को जो पैसे बिचोलियो या अम्बेसेडरो को देना होता था अब वो कंपनी के डिस्ट्रीब्यूटर्स को ही मिलना सुरु हो जाता है।
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मै आपको बता देना चाहता हु की ये व्यापार ही 21 वि सदी का व्यापर है , जो जल्दी जुड़ जायेगा वो बाद में नहीं पछताएगा।
इस पोस्ट में बस इतना ही मिलते है अगली पोस्ट के साथ। अगर आप इस ब्लॉग पर नए है तो हमे फॉलो कर लीजिये। धन्यवाद्।

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